कोई भी ग़लती बार-बार मत करो
कोई भी ग़लती बार-बार मत करो,
एक बार जो गलती हो जाए,
यह जरूरी तो नही,
कि उसे बार-बार दोहराया जाए,
अपने मन को दुविधाओं से बाहर निकालो,
अपने मन को लालच से बाहर निकालो,
अपने मन पर विश्वास बार-बार मत करो ।
एक मन ही तो है,
जो हमारा सारा सुख-चैन छीन लेता है,
हमें मुश्किलों में फँसा देता है,
हमें कुछ बेहतर करने ही नही देता,
बार-बार हमारे निर्णयों को पलट देता है,
हम तो चाहते हैं, कुछ अच्छा करना,
लेकिन कुछ अदभुत नही कर पाते,
अपने मन में खूब विश्वास भरो ।
जीवन तो एक समुद्र के समान है,
जिसमें अनंत संभावनाएं हैं,
हम जो करना चाहते हैं, कर सकते हैं,
हम हो पाना चाहते हैं, पा सकते हैं,
इस संसार में सबको रहना है,
सबके साथ रहना है,
इस दुनियाँ में सब प्यार से रहो ।
Thank You.

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