मेरे मन तू क्यों परेशान रहे, मेरे मन तू, किस बात से परेशान रहे, तू क्या सोचता है, तू क्या चाहता है, तू क्या देखता है, तू क्या जानता है, ये क्या चल रहा है, ये क्या हो रहा है, मेरे मन तू, किस बात से हैरान रहे l हर कोई जोअपना काम ईमानदारी से करे, फिर तो दुनियाँ बदले, हालात बदले, ऐसे काम करे, दुनियाँ में, जिससे जीवन ये खुशियोंभरा बने, चेहरे पर दिखती नही मुस्कान, मेरे मन तू, किस बात से नाराज़ रहे l दुखी होने से, क्या जीवन के दुख दूर हो जायेंगें, हरदम सोचते रहने से, क्या मन की सब चिंता मिट जायेंगी, जो होना है, वह तो इस दुनियाँ में होकर रहता है, कुछ खोना है, कुछ पाना है, यही जीवन का अफसाना है, मेरे मन तुझे खुश रखकर ही, इस चेहरे पर मुस्कान रहे l Thank You.