रे मन क्यों, दुखी तू रहता है, रे मन क्यों, चिंताओं में तू रहता है, किस बात की है फिक्र तुझे, रे मन क्यों, तू उलझा रहता है । चाहे तो खुशी तलाश ले, चाहे तो हँसी तलाश ले, सब मुश्किल यहीं छोड़ दे, सारे गम यहीं तू छोड़ दे, रे मन क्यों, परेशान तू रहता है । खुशी का बहाना ढूंढ ले, जीने का मकसद ढूंढ ले, कुछ चला गया तो क्या गम है, कुछ पाने का बहाना ढूंढ ले, अमन कभी उदास ना हो, तेरे साथ में रब वो रहता है । Thank You.
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