कुछ तो आज मन को समझा लिया जाए
कुछ तो आज,
मन को समझा लिया जाए,
कुछ तो आज,
कुछ तो आज,
जीवन बदल लिया जाए,
खाया बहुत धोख़ा इस मन से,
दिया बहुत धोख़ा इस मन ने,
कभी लालच, कभी नादानी करता,
कभी बेवजह की चाहतें करता,
कुछ तो आज,
खाया बहुत धोख़ा इस मन से,
दिया बहुत धोख़ा इस मन ने,
कभी लालच, कभी नादानी करता,
कभी बेवजह की चाहतें करता,
कुछ तो आज,
मन को बदल लिया जाए l
कल क्या खोया, आज क्या पाया,
कितना पाया, कितना गँवाया,
लोगों की बातों में झट से आ जावे,
औरों को देख के ये मन ललचाए,
कितना ये नुकसान है करता,
कुछ तो हिसाब लगा लिया जाए l
मन की ताकत समझ ना आए,
क्या करवा दे यह जान ना पाए,
जिसने मन की सारी बातें मानी,
वह तो जीवन में धोख़ा खाए,
इस मन के है रंग बहुत ही,
कौन सा यह रंग दिखा दे,
यह समझ ना आए,
भूल कर सब गम जहान के,
चलो जीवन को जीया जाए l
मन जो जाए गलत दिशा में,
फिर कैसे जीवन खुशहाल बनेगा,
मन नही देखे जब भला अपना,
फिर कैसे चेहरे पर मुस्कुराहटें आए,
अभ्यास और वैराग्य से,
मन पर कुछ काबू किया जाए,
इधर उधर की बातों से,
मन को दूर रखा जाए,
मन जो अमन बन जाए तो,
फिर तो जीवन में सुख शांति आए l
Thank you.


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