जब जिंदगी, तुमसे कुछ कहने लगे

जब जिंदगी, तुमसे कुछ कहने लगे, 
सुन लीजिए, जिंदगी क्या कहे जाती है, 
कुछ फ़ायदे की भी बात नजर आ जायेगी, 
देख लीजिए, जिंदगी क्या सुनाए जाती है, 
जब जिंदगी, अपना तुम्हे समझने लगे, 
फिर जिंदगी, कितना अपनापन दिखलाती है  l

कुछ जिंदगी के सपने है, कुछ जिंदगी में अपने है, 
कुछ वायदे, कुछ इरादें है, कुछ पूरे, कुछ आधे हैं, 
कैसे चलती है जिंदगी, समझ आए नही, 
ये तो अपनी है जिंदगी, दिखता नही, 
जब जिंदगी, तुमसे नजर मिलाने लगे, 
देख लीजिए, क्या कहना चाहती है  l

जिंदगी जितनी मिली, वह काफी है, 
जिंदगी जैसे चली, वह अच्छी है, 
जिंदगी का यूँ तो भरोसा कोई नही, 
किस वक्त साथ छोड़ दे, यह पता नही, 
मुश्किलें यूँ तो नही है जिंदगी के वास्ते, 
फिर जिंदगी परेशान यहाँ क्यूँ रहती है, 
जब जिंदगी साथ चलना चाहती है, 
तो जिंदगी से दूरी क्यूँ बन जाती है  l


Thank you.  

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