जब मन का संभलना हो जाए

जब मन का संभलना हो जाए, 
तब खुशियों का आना हो जाए, 
दुनियाँ तो चलती रहती है, 
जीवन तो चलता रहता है, 
जब मन का लालच रुक जाए, 
तो जीवन ये प्यारा हो जाए  l

हर कोई यहाँ अपना जीवन, 
अपने ढंग से जीता है, 
हर किसी की दुनियाँ अलग है, 
कोई साथ किसी का देता है, 
किस्मत की बात है ये, 
किसको यहाँ क्या मिलता है, 
कुछ छूटता, कुछ मिल जाता है, 
ऐसे ही जीवन चलता है, 
प्यार के रास्तों पर चलकर, 
जीवन न्यारा हो जाए  l

चल पड़े कदम वहाँ पर, 
जहाँ मंजिल का ठिकाना हो, 
भूल जाएँ गम की बातें, 
जहाँ नवजीवन का नजराना हो, 
कोई किसी के लिए कुछ करे तो, 
जीवन प्यारा हो जाए  l


Thank you. 

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