क्या दिया इस दुनियाँ ने

क्या दिया इस दुनियाँ ने, 
क्या मिला इस दुनियाँ से, 
क्या खुशी इस दुनियाँ में, 
क्या खुशी उस दुनियाँ में, 
ये सोचने की बात है, 
कैसे रहूँ इस दुनियाँ में  l

बेवजह चल पड़े कदम,
जो सोच लिया आगे बढ़ना, 
चाहे अकेले चलना पड़े, 
चाहे दूर हो सुंदर सपना,
मन बहलाना सीख लिया है, 
जीवन तो सुंदर सपना  l

जब किस्मत मेहरबाँन हो तो, 
जीवन बढ़िया चलता है, 
जब खुशियों के निशान हो तो, 
जीवन सुंदर दिखता है, 
छोड़ दे विलाप मन के, 
अनमोल है जीवन अपना  l

Thank you. 

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