क्या खोया, क्या पाया हमने

क्या खोया, क्या पाया हमने, 
इस जीवन के सफर में, 
चलते रहे, बस चलते रहे, 
इस जीवन के सफर में l

कौन समझ पाया है, 
इस जीवन को, 
कौन जान पाया है, 
अपने मन को, 
क्या चाहा, क्या पाया हमने,
इस जीवन के सफर में  l

कब तक है ये जिंदगी, 
इसका कोई पता नही, 
रब के हाथों में, 
साँसों की डोर है, 
जान के भी अंजान है हम, 
क्या सोचा, क्या किया हमने, 
इस जीवन के सफर में l

जो ईश्वर को भूल रहे तो, 
कैसे जन्म ये सुधरेगा, 
जो ईश्वर की चाह नही तो, 
कैसे मन ये बदलेगा, 
हरि का नाम क्यों नही लिया हमने, 
इस जीवन के सफर में l


Thank You. 

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