तो क्या किया जाए

जब मन ही करे, 
नही कुछ करने को, 
जब दिल ही करे, 
नही कुछ करने को, 
तो क्या किया जाए, 
जब मन में कुछ उमंग ना हो, 
जब दिल में कुछ खुशी ना हो, 
तो क्या किया जाए  l

जब चाहतें, कुछ पास हो, 
पर फिर भी दिल उदास हो, 
कुछ आँखों में, जब सपने हो, 
पर दूर सारे अपने हो, 
जब मन ये बुझा बुझा सा हो, 
तो क्या किया जाए  l

जब जिंदगी उदास हो, 
जब तन्हाई का अहसास हो, 
जब यादों का तूफ़ान हो, 
प्यार जब अपनेपन अंजान हो, 
तो क्या किया जाए  l


Thank You. 

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