और ये जीवन क्या है

और ये जीवन क्या है, क्षण-भंगुर, 
एवं दुखों और परेशानियों से भरा हुआ, 
जो इसमें खुशियाँ तलाशते हैं, 
वे बहुत बार निराश होते हैं, 
जो इसमें प्यार तलाशते हैं, 
वे भी कई बार निराश हो जाते हैं, 
और ये जीवन क्या है, 
इसे समझना भी मुश्किल है, 
और ये जीवन क्या है, 
आशाओं और निराशाओं से भरा हुआ  l

कभी किसी से अपेक्षा होती है, 
तो बहुत बार निराशा हाथ लगती है, 
कभी किसी की जाने-अनजाने में,
अपेक्षा हो जाती है, 
कभी किसी को दुख पहुँचाने का
कोई ईरादा नही होता है, 
फिर भी लोग दूसरों का दिल दुखा देते हैं, 
और ये जीवन क्या है, 
दुख और सुख से भरा हुआ  l

कभी मंजिल हाथ लग जाती है तो
कभी मंजिल और दूर हो जाती है, 
कभी एक चाहत पूरी होती है तो
कभी दूसरी चाहत पैदा हो जाती है, 
ये जीवन क्या है, 
ये जीवन किर्या-कलापों से चलता रहता है l


Thank You. 

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