क्यों किसी से इतनी आशा रखते हो

क्यों किसी से इतनी आशा रखते हो, 
कि तुम्हे दुख पहुँचे, 
आशा रखनी है तो
खुद से रखो, 
कौन किसी की बात यहाँ मानता है, 
कौन किसी की खातिर
यहाँ कुछ करता है, 
कौन किसी के वास्ते यहाँ जीता है, 
कौन किसी के वास्ते, 
यहाँ मरता है, 
कौन किसी का यहाँ अपना है, 
जिसे तुम अपना समझते हो  l

शांत रहकर जीना, 
दुनियाँ में अच्छा है, 
अपने मन को मारकर जीना, 
यहाँ अच्छा है, 
जुबाँ भी चुप रहे, 
आँखें भी बन्द रहे, 
कान भी बन्द रहे, 
अकेले रहकर जीना
यहाँ पर अच्छा है, 
अपनी धुन में जीना 
यहाँ पर अच्छा है, 
किसका किससे रिश्ता है, 
जो तुम समझते हो l

जो जैसा करता है, 
उसे करने दो, 
जो, जो कहता है, 
उसे कहने दो, 
सब यहाँ अपनी मर्जी के मालिक है, 
सब यहाँ अपने जीवन के मालिक है, 
कौन यहाँ अपनी गलती मानता है, 
कौन यहाँ एक-दूजे की,
कद्र करना जानता है, 
जीवन तो एक रास्ता है, 
जिस पर तुम चलते हो  l


Thank You. 

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