काँटों का जंगल है जग ये

काँटों का जंगल है जग ये, 
इससे पार हो जाना है, 
मुश्किलें पग-पग पे आती,
जीवन उलझा फिरता है, 
क्या करे ना करे, 
हर किसी का चेहरा उतरा है, 
भावनाओं का सागर है जीवन, 
पार इसको करना है l

रास्ते भी कठिन है, 
मंजिल भी बहुत दूर है, 
चाहतें हर पल है बढ़ती, 
कामयाबी अभी दूर है, 
चल पड़े हैं कदम हमारे, 
कभी तो मंजिल मिल जायेगी, 
सोच अच्छी है तो 
फिर खुशियाँ भी मिल जायेगी, 
गाते हैं गुणगान रब का, 
याद उसको करना है  l

किस्मतों की बात है सब, 
क्या मिल गया, क्या खो गया, 
कहाँ से जीवन शुरू किया था, 
और अब क्या बन गया, 
प्यार की राहों पे चलकर, 
खूबसूरत जिंदगी है, 
सदा मुश्किलें भी रहती नही है, 
आशाओंभरी जिंदगी है, 
कष्ट भी मिट जाते हैं सब, 
ये सफर पूरा करना है  l



Thank You. 

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