अगर हम अपनी गलती मान लेते है तो
अगर हम अपनी गलती मान लेते है तो
छोटे नही हो जाते हैं,
अगर हम बड़ों की बात मान लेते है तो
छोटे नही हो जाते हैं,
बड़ा वही होता है,
जो दूसरे की गलती नही ढूँढे,
बल्कि दूसरों के गुण देखे,
अगर हम दूसरों के गुण देखते हैं तो
छोटे नही हो जाते हैं l
हम छोड़ दें अपनी झूठी जिद्द को,
हम छोड़ दें अपने झूठे अहंकार को,
अगर हम कुछ बदलना चाहते हैं तो
अपनी सोच बदले,
अगर हम कुछ बदलना चाहते हैं तो
अपना मन बदले,
अगर हम अपना मन बदलते हैं तो
छोटे नही हो जाते हैं l
दुनियाँ के काम तो, देर-सवेर हो ही जाते हैं,
हम अपने लिए, कब समय निकालते हैं,
दुनियाँ की तो हम फिक्र बड़ी करते हैं,
हम अपनी फिक्र कब करते हैं,
अगर हम अपना ख्याल रखते हैं तो
कुछ गलत नही करते हैं l
Thank You.

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