कल की जिंदगी, आज की जिंदगी
कल की जिंदगी,
आज की जिंदगी,
कल कैसा था,
आज कैसा रहा,
कल और आज में,
क्या फर्क रहा है,
क्या कल तुम खुश थे,
या आज तुम खुश हो,
आज और कल का
जीवन कैसा रहा l
थोड़े गम, थोड़ी मुस्कुराहट,
थोड़ा प्यार, थोड़ी नफरत,
थोड़े से चुप, थोड़ी सी बातें,
थोड़े से सुस्त, थोड़े से चुस्त,
क्या ऐसी ही है ये जिंदगी l
कभी दिल बुझा-बुझा सा है,
कभी मन उजला-उजला सा है,
कभी मन में है विश्वास भरा,
कभी मन खाली-खाली सा है,
कभी चल पड़े, कभी रुक जाती,
ऐसी ही चलती है ये जिंदगी l
Thank You.

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