मन जीता तो, सब जग जीता

मन जीता तो, सब जग जीता, 
मन हारा तो, सब जग हारा, 
मन पाया तो, सब कुछ पाया, 
मन खोया तो, सब कुछ खोया, 
मन जिंदा तो हम है जिंदा, 
मन मरा तो, फिर कैसे जिंदा, 
मन जागे, तो हम जागे, 
मन सोये तो फिर हम सोये, 
जो मन में है आशा भरी है, 
फिर तो सब कुछ पाया है l

सब मन ये खेल खेलता है, 
सब मन ये खेल खिलाता है, 
कभी तो ये ताकत देता है, 
कभी कमजोर बनाता है, 
कभी तो ये खुशियाँ देता है, 
कभी दुख का कारण बनता है 
ये मन खेल तमाशा करता है l

कभी हार, कभी ये मन,
जीत दिखाता है, 
कभी रास्ता बन्द कर देता है, 
कभी सही राह दिखाता है, 
मनोबल चाहे कितना भी ऊँचा, 
मन में उतार चढ़ाव पर आते ही है, 
कितना भी जीवन में अच्छा सोचे, 
पर किस्मत से टकराते ही हैं, 
सच्चाई तो यही है कि
मन कभी कभी भरमाता ही है l


Thank you. 





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