तुम जानते हो सब कुछ

तुम जानते हो सब कुछ, 
तुम्हें क्या बतलाऊँ , 
तुम समझते हो सब कुछ, 
तुम्हे क्या बतलाऊँ  l

कुछ भी नही अंजान है तुमसे, 
कोई भी नही अंजान है तुमसे, 
सबसे ही तो पहचान है तेरी, 
सबमें बसी है जान है तेरी, 
तेरी बात अलग हे मालिक, 
तुम्हें क्या बतलाऊँ  l

सारा जहान ये तेरा दीवाना मालिक, 
हर कोई जहान में तेरा दीवाना मालिक, 
तेरे सब अपने हैं, हे सर्वात्मा मालिक, 
सबमें आप बसे हैं, हे परमात्मा मालिक, 
तुझको ही नित्य-नित्य चाहूँ, 
कृपा कर दो, हे मालिक l


Thank You. 

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