जब जिंदगी ही कहे मैं तेरी नही

जब जिंदगी ही कहे मैं तेरी नही, 
तो कैसे जीया जायेगा, 
जब दिल ही कहे मैं तेरा नही, 
तुझसे कोई मतलब नही, 
तो कैसे जीया जायेगा, 
जिंदगी साथ है तो जीने का मजा है, 
जिंदगी पास है तो जीने का मजा है, 
जब जान ही कहे मैं तेरी नही, 
तो कैसे जीया जायेगा  । 

कुछ सोचकर आगे बढ़ा
कि साथ हमसफर आयेगा, 
लेकिन चलना पड़ा अकेला, 
दिल यूँ ही टूट जाएगा, 
कुछ ख्वाब देखे थे यहाँ 
क्या पूरे नही हो पाएँगे, 
कुछ दिल रोका, कुछ मन रोका, 
क्या यूं ही चाह दबाएंगे, 
जब रास्ता दिखे नही, 
तो कैसे जीया जायेगा  । 

उलझने सुलझे नही, 
जब जिंदगी की शतरंज की, 
रोशनी की किरण दिखे नही जब, 
किस तरह पाएँ मुकाम, 
जब ख्वाब भी सजे नही, 
तो कैसे जीया जायेगा  । 

Aman

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