सब जीना चाहते हैं

सब जीना चाहते हैं, 
दुनियाँ में मुझे भी जीना है, 
सब हँसना चाहते हैं, 
दुनियाँ में मुझे भी हँसना है । 

सबकी अपनी दुनियाँ अलग है, 
सबके लिए ये दुनियाँ है, 
सबकी खुशी की खातिर, 
यहाँ सब कुछ है, 
सब अच्छे से जी पाए, 
इसलिए सब कुछ है, 
जरूरतें तो सबकी है, 
किसी की कम, 
किसी की ज्यादा है, 
सब सपने पूरा करना चाहते हैं, 
मैं भी कुछ करना है । 

मुश्किल सब सबकी मिट जाए, 
जीवन में सबके आनंद आए, 
कोई गरीब दिल से रहे नही, 
जो पाए वह बढ़िया पाए, 
सब अपनों में रहना चाहते हैं, 
दुनियाँ में  मैं भी अपनापन चाहता हूँ  । 


Aman


Comments

Popular posts from this blog

Why I am here