कुछ तो पैदल चला जाए



कुछ तो पैदल चला जाए, 
तन और मन को स्वस्थ किया जाए, 
अब तो जिंदगी को जीना कुछ आ जाए, 
अब तो जिंदगी में खुश रहना कुछ आ जाए, 
कुछ तो मन को खाली किया जाए  l

बहुत तरह से जिंदगी जीते हैं लोग, 
खुश रहने के लिए नए नए तरीके अपनाते हैं लोग, 
फिर भी खुशी सबको कहाँ मिलती है, 
पर जिंदगी में उम्मीदें कुछ तो दिखती है, 
कुछ तो आगे बढ़ने का साहस किया जाए  l

बेवजह मन उदास क्यूँ किया जाए, 
बेवजह क्यूँ ना खुश रहा जाए, 
कुछ तो चेहरे पर मुस्कुराहट लौट आए, 
कुछ तो आँखों में जीने की चमक लौट आए, 
कुछ तो दिल को साफ किया जाए  l


Comments

Popular posts from this blog

Why I am here