जिंदगी कहती है कि चल

जिंदगी कहती है कि चल, 
मुश्किलें कहती है कि चल, 
क्या गया जो रोता है, 
सब पास में है क्यूँ ना हँसता है, 
चाहतें कहती है कि चल  l

कुछ तो जी लें, जिंदगानी है, 
हर पल नई कहानी है, 
कुछ अच्छा भी लगता है, 
कुछ मायूस सा दिल लगता है, 
रास्ते कहते है कि चल  l

हर तरफ रोशनी बिखरी आशाओं की, 
हर तरफ खुशियाँ बिखरी है बहारों की, 
आज भी कुछ हँसने की चाहत होती है, 
आज भी कुछ जीने की चाहत होती है, 
कदम मेरे कहते हैं कि चल  l

कौन समझा जिंदगी की अजीब अदाओं को, 
कौन समझा जिंदगी की नई अदाओं कोको, 
प्यार के कुछ पल, जीने के लिए क्या काफी नही, 
जिंदगी कितनी गई, कितनी बाकी रही, 
दूरियाँ कहती है कि चल l

Thank you ❤

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