जिंदगी को जब भी देखा है

जिंदगी को जब भी देखा है, 
कुछ खुशियों से भरी हुई, 
कुछ गम से भरी हुई, 
कुछ सुकून से भरी हुई, 
कुछ प्यार से भरी हुई l

बेचैनियाँ अगर आती है, 
कुछ देर में चली जाती है, 
फिर रास्ते भी दिख जाते हैं, 
फिर मंजिल भी मिल जाती है, 
छोड़कर सब फिक्र चिंता, 
जिंदगी फिर से मुस्काए l

अगर छोड़ दे, हम जिद्द झूठी, 
तो जीना फिर आसान है, 
किससे क्या लेना देना है, 
हर कोई यहाँ मेहमान है, 
आना जाना लगा है रहता, 
जिंदगी उम्मीदों से भरी हुई  l


Thank you. 

Comments