जब तक जीयेंगे, जी भर के जीयेंगे

जब तक जीयेंगे, जी भर के जीयेंगे, 
जब तक रहेंगें, खुश हो के रहेंगें,
कौन यहाँ कितने दिन रहेगा, 
किसी को ये मालूम नही, 
किसकी किस्मत में क्या लिखा है, 
किसी को ये मालूम नही, 
औरों की बातें सब करते हैं, 
बात अपनी कोई करता नही, 
जिंदगी कितनी खास मिली है, 
इसकी चर्चा कोई करता नही, 
कितने दिन की खुशियाँ जग में, 
किसी को ये मालूम नही  l

यूँ तो सब अपने हाथों में, 
फिर भी औरों से अपेक्षा रखते हैं, 
क्या खोया, क्या पाया जग में, 
हिसाब कहाँ, कब रखते हैं, 
क्या मिलना, क्या जाना है, 
किसी को ये मालूम नही  l

हर पल बदले जिंदगी ये, 
मन बदलता रहता है, 
सोच बदले जाए हमारी, 
क्यूँ चिन्ता में मन रहता है, 
बेवजह परेशान होने का
कोई फायदा नही  l


धन्यवाद 

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