कभी तो तलाश मेरी खत्म होगी

कभी तो तलाश मेरी खत्म होगी, 
क्या दूंढता हूँ मैं इस दुनियाँ में, 
क्या चाहता हूँ मै इस दुनियाँ से, 
क्या है मंजिल मेरी, कहाँ है मंजिल मेरी, 
कहाँ पर मैं रहता हूँ, कहाँ पर मुझे जाना है 
कभी तो प्यास मेरी खत्म होगी  l

आज को जीया ही नही तो, 
क्या जीना आया, 
आज सुकून से रहा ही नही तो, 
क्या दुनियाँ में रहना आया, 
कितना कुछ पा लिया, 
और कितना कुछ खो दिया, 
कितना कमाया दुनियाँ में, 
और कितना यहाँ लगा दिया, 
कब मेरी और पाने की, 
चाह खत्म होगी  l

कहाँ पर है घर मेरा कहाँ पर ठिकाना है, 
कहाँ से आया हूँ मैं और कहाँ मुझे जाना है, 
इस दुनियाँ में जो समय मिला है, 
क्या मेरे लिए वह काफी है, 
जो वक्त की कीमत ना समझूँ, 
तो समय की बर्बादी है,
कुछ समझ लिया जो इस जीवन को, 
फिर तो किस्मत मेहरबान होगी  l


Thank you so much. 

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