अपनी बात कहते रहो

अपनी बात कहते रहो, 
जो भी सही लगे, 
कहते रहो, 
दुनियाँ क्या सोचती है, 
क्यूँ फिक्र करो, 
मन उदास मत किया करो, 
जिंदगी किसको 
आई है यहाँ जीनी, 
हालातों से समझौता 
सब यहाँ करते हैं, 
कुछ कम में, 
कुछ ज्यादा में खुश होते हैं, 
कुछ जीने का मकसद 
पहचान लेते हैं, 
परेशान रहने का 
कोई मतलब नही है, 
जिस हाल में हो, 
उसमें खुश हो लिया करो l

या तो बदल पाओ कुछ भी, 
या फिर बदल जाओ खुद ही, 
क्या सही यहाँ क्या गलत है, 
कुछ तो विचार किया जाए, 
जिंदगी का क्या भरोशा है, 
कब हाथों से डोर छूट जाए, 
तकदीर का क्या भरोशा, 
कब चमक जाए ये पता नही, 
सच तो कड़वा लगता है सबको, 
पर सच्ची बात किया करो l

हर किसी की अलग है जिंदगी, 
हर किसी का घर संसार अलग, 
सबकी सोच अलग दुनियाँ में, 
हर किसी का है काम अलग, 
अपनी अपनी बुद्धि से,
सब काम यहाँ करते हैं, 
अपनी अपनी सोच से,
निर्णय सब लेते हैं, 
किसको क्या मिलता है, 
सब किस्मत की बात है, 
जो होना वह होता ही है, 
पर प्रयास कुछ तो किया करो l

ऐसे शब्द मत बोलिए, 
जिनसे किसी का दिल दुखे, 
पर हित की बात कहने में, 
कुछ हर्ज नही है, 
जिंदगी यूँ ही चलती चली जायेगी, 
दुनियाँ यूँ ही चलती जायेगी, 
हर किसी के बिना, 
दुनियाँ में हर कोई जी लेता है, 
अकेला आता है इस दुनियाँ में, 
अकेला दुनियाँ से चले जाता है, 
फिर किस बात का गुमान लिए, 
हम दुनियाँ में फिरते रहते हैं, 
सोच छोटी रखकर यूँ ही
परेशान होते रहते हैं, 
किसी की मदद कर पाए तो, 
बेझिझक मदद किया करो  l

कुछ बातें कहने में भी,
अच्छी लगती है, 
कुछ बातें  सुनने में भी, 
अच्छी लगती है, 
कुछ बातें सोचने में भी, 
अच्छी लगती है, 
कुछ बातें अमल में भी, 
अच्छी लगती है, 
जो बातें रूह को, सुकून दे, 
कुछ बातें ऐसी किया करो  l

Thank you. 

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