मन मुस्काए

मन मुस्काए, 
कभी अपने आप ही, 
मन मुस्काए, 
अपनी धुन में चल पड़े तो, 
खुशियाँ फिर दिल में समाए, 
चाहतों से ही ये जिंदगी, 
बनती है खूबसूरत, 
मन रहे जो बेफिकरा सा, 
प्यार जीवन में चला आए, 
छूट जाती है गमों की बातें, 
खुशियाँ जीवन में चली आए l

अपना सा लगता है, 
फिर तो जहान ये सारा, 
कुछ आँखों मे रहे सपने, 
कुछ चाहतों का दिल में बसेरा, 
किसी के साथ हँस लिए तो, 
खुशी दुगनी हो जाती है, 
किसी के साथ चल दिए तो, 
राहें आसान हो जाती है, 
उम्मीदों पर ही, 
तो है दुनियाँ कायम, 
रोशनी के दीप,
जीवन में जगमगाए  l

बेवजह भी हँसी आ जाए, 
कभी कभी तो, इन लबों पर, 
कुछ सोच के मन मुस्काए, 
बिना सोचे भी, मन मुस्काए, 
चाहतें मन की, हो पूरी, 
बात दिल रहे ना अधूरी, 
आँखों में बस गए हो, 
दिल में आना भी है जरूरी, 
अपनों का साथ रहे तो, 
बहार खुशियाँ की चली आए  l

चंचल ये मन रहता, 
कभी यहाँ फिरे, कभी वहाँ फिरे, 
बस अपनी बात ये कहता, 
औरों ये कहाँ सुने, 
अपनी ही धुन में रहता, 
आजाद ये तो, बन के फिरे, 
कभी दिल ये इठलाये, 
कभी मन ये गुनगुनाए  l



Thank you. 


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