तेरी मर्जी से सब होता होता है

तेरी मर्जी से सब होता होता है, 
जो तू चाहे, वही होता है, 
करता है तू, काम जगत के, 
तेरी मर्जी से, जगत जागता सोता है, 
तेरी तो हर बात अलग है, 
तेरी तो शान अलग है, 
नही तेरी कोई मिशाल जगत में, 
तेरा खेल अजब गजब होता है  l

मुश्किलों के दौर से, 
बाहर तू ही निकालता है, 
हर शख्श के जीवन में, 
खुशियाँ तू ही बिखेरता है, 
मुस्कुराहटें तू ही, चेहरों पर लाए, 
जीवन रोशन करता जाए, 
मंज़िलों से तू ही मिलाए, 
चाहतें पूरी करता जाए, 
ख्वाबों ख्यालों में जो कोई तेरे, 
उसका गजब का जीवन होता है  l

धरती, सूरज, चाँद, सितारे, 
तूने ही रोशन किए, 
तू ही था, जब कुछ भी ना था, 
आज भी है, तू कल भी रहेगा, 
सबके अंदर तू ही रहता, 
सबके बाहर, तू ही रहता, 
तू ही इस हवाओं में, 
जो श्वाश बनकर अंदर जाता है, 
तू ही अन्न में, तू ही जल में, 
जो सबकी भूख प्यास मिटाता है, 
सारी दुनियाँ के रचनेवाले, 
तेरे नियम से जगत ये चलता है l

तू चाहे तो जिंदगी में, 
बहारें भी आ जाती है, 
तू चाहे तो हाथ पैरों में,
ताकत भी आ जाती है, 
तू चाहे तो इस दुनियाँ में, 
जीना आसान हो जाता है, 
तू चाहे तो प्यार में, 
हर शख्श मुस्कुराता है, 
बेवजह तू आनंद बरसाता, 
जिसमें जगत मस्त ये होता है  l


Thank you. 


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