राम नाम रस मीठा लागे रे

राम नाम रस मीठा लागे रे, 
राम नाम गुण मन को भाये रे, 
राम नाम की लूट है बन्धु, 
लूट सके तो लूट, 
अंत समय में 
दुनियाँ काम ना आए, 
जब प्राण जायेंगे छूट, 
नाम धुन अच्छी लागे रे  l

जग से प्रेम किया तो पाया, 
जो मतलब का है प्रेम, 
ईश्वर प्रेम में जीकर देख ले प्राणी, 
तेरे मिट जाए सब दुख दर्द, 
हरि का संग सच्चा लागे रे  l

चार दिन की जिंदगी ये, 
कुछ बीती, कुछ रही बीत, 
भूल रहा जो ईश्वर को तो, 
होना पड़े भयभीत, 
राम नाम का सुमिरन करके, 
जीवन सुखमय लागे रे l



Thank You. 

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