कभी ऐ जिन्दगी, तू मुझे अपना कहले
कभी ऐ जिन्दगी, तू मुझे अपना कहले,
कभी जिन्दगी, तू खुशियों में रहले,
तेरी चाहतें, तेरा मुकाम तुझे मुबारक हो,
तेरी मुस्कुराहटें, तेरा रुतबा तुझे मुबारक हो,
कभी ऐ जिंदगी, तू मुझे अपना समझ ले ।
तेरा नूर, तेरे चेहरे पर हरदम दिखता है,
तेरी रूह का नूर, तुझमें झलकता है,
तू दुनियाँ भी में है तो, ये दुनियाँ खूबसूरत नजर आती है,
तेरी मौजूदगी से ये दुनियाँ जन्नत नजर आती है,
कभी ऐ जिंदगी, तू ईश्वर की रजा में रह ले ।
तू खुश है तो सुकून रूह में नजर आता है,
तू खिली-खिली है तो फिर तुझपे प्यार आ जाता है,
तेरी हँसी-मुस्कुराहटें, दुनियाँ में जीना सिखाती है,
तू उदास हो तो, दुनियाँ में उदासी छा जाती है,
कभी ऐ जिंदगी, तू अपनी उदासी छोड़कर देख ले ।
Thank You.
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