सच्चाई तो यही है

सच्चाई तो यही है,
कि एक दिन सब छूट जाएगा,
सब देखते रह जाएंगे,
और पिंजरे से पंछी उड़ जाएगा ।

आग जिस तन पर गुमान करते हैं,
वो भी साथ नही जाएगा,
मन तो ये छलता रहता है,
हर पल मजबूर करता रहता है,
आज जिस धन को अपना समझते हैं,
वो भा छूट जाएगा ।

जिनके के सब दुख उठाए,
जिनके लिए, दुनियाँ में भागे-दौड़े,
वे परिवार के लोग भी,
तुझे तुरंत घर से निकाल देंगें,
जिस श्मशान से तू कतराता है,
वही तुझे जला देंगें,
सच्चाई तो यही है,
कि एक दिन सब छोड़कर चला जायेगा ।

आज भूल है जिस परमात्मा को,
अंत समय यार वही आयेगा,
जिसको तूने कभी ना चाहा,
वही तेरा साथ निभाएगा,
एक पल की उसकी याद तुझे,
संसार से मुक्त कर देगी,
जीते जी जो मुक्त हुआ तो,
अंत समय नही पछताएगा ।


Thank You.

Comments

Popular posts from this blog

What you think