जो मन, वाणी, दिल निर्मल हो
जो मन, वाणी, दिल निर्मल हो,
फिर तो जीवन में उत्सव हो,
मन में भरे हो, विचार अच्छे,
दिल में भरा हो प्यार अच्छा,
जो बोले, वह मीठा बोले,
फिर तो दुनियाँ में कोई नही दुश्मन हो ।
क्या लेकर, आए थे जग में,
क्या लेकर, जायेंगें जग से,
जो मिला, यहीं पर मिला है,
जो गया, यहीं पर गया है,
चलती रहे ये जिंदगी हँसी-खुशी में,
कुछ तो जीवन में शुभ संकल्प हो ।
आगे भी सोचा, पीछे भी सोचा,
आज में ना रहे तो, फिर गंवाया हर मौका,
एक दिल तो छूटेगी, सांसें भी मेरी,
तन भी छूटेगा, कुछ ना बचेगा,
फिर किस चीज़ का अहंकार-घमंड है,
जो व्यवहार किया नही, अच्छा किसी से,
अंतर्मन में जो झांका तो,
फिर आत्मा ये निर्मल हो ।
Thank You.
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