कल तो गया
कल तो गया,
पल तो गया,
फिर कल की फिक्र क्यों,
आज तो है हाथ में,
आज से दूरी क्यों ।
फिर कल की फिक्र क्यों,
आज तो है हाथ में,
आज से दूरी क्यों ।
छूटा जो पल,
बन जाए कल,
बन जाए कल,
मन क्यो व्याकुल,
मंजिल से दूरी क्यों ।
अपना ये जहान,
अपना है जमीन-आसमान,
खुशियों का कारवां,
चलता है संग-संग,
अपना है जमीन-आसमान,
खुशियों का कारवां,
चलता है संग-संग,
अपना है जीवन,
फिर कोई मजबूरी क्यों ।
Thank You.
Thank You.
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