दुनियाँ में जीते जाना है, ईश्वर का शुक्र मनाना है, जो मिलता है उसी दाता से, जो पाता है उसी मालिक से, उसके गुण गाते जाना है । ये जिंदगी उसी से पाई है, सारी खुशियाँ उसी से पाई है, धरती सूरज चाँद सितारे रचे, प्रकृति के सब नजारे रचे, ईश्वर की कृपा पाना है । कुछ काम जहान में ऐसे करें, कि जीवन शानदार बने, इस दुनियाँ मै ऐसे रहे कि खुशियों भरा संसार बने, चाहते पूरी भी होवे, जीवन तो खुशियों का खजाना है । Aman
Aman's Poetry World Blog