कभी कभी अपनी झूठी जिद्द छोड़ना अच्छा होता है,

कभी कभी अपनी झूठी जिद्द छोड़ना अच्छा होता है, 
कभी कभी अपने मन को मोड़ना अच्छा होता है, 
हम अपना झूठा अहंकार छोड़ें, अपनी झूठी जिद्द छोड़ें, 
हम सोचते हैं कि सब कुछ हमारे हिसाब से हो जायेगा, 
लेकिन इस दुनियाँ में ऐसा कुछ होता नही है, 
कभी कभी अपनी झूठी जिद्द छोड़ना, 
सेहत के लिए अच्छा होता है  l

हम क्या सोचते हैं और क्या हो जाता है, 
हम क्या करना चाहते हैं और क्या हो जाता है, 
हम कहाँ से शुरू करते हैं और कहाँ पहुँच जाते हैं, 
जब तक जीवन को सुंदर बनाने की कोशिस नही होगी, 
तब तक जीवन कैसे सुंदर बनेगा, 
कभी कभी अपने मन को रोकना, अच्छा होता है  l

जीवन में सब कुछ तो छूटता चला जा रहा है, 
लेकिन हम सब चीजों को पकड़ कर रखना चाहते हैं, 
दुनियाँ में कुछ भी तो हमारा नही है, 
लेकिन हम हर किसी को अपना बनाकर रखना चाहते है, 
कभी कभी मन को समझाना, सेहत के लिए अच्छा होता है  l

कभी हम अपनी ही बातों में उलझ जाते हैं, 
कभी हम औरों की बातों में आ जाते हैं, 
कभी हम अपना फायदा करना चाहते हैं, 
कभी हम अपना नुकसान कर बैठते हैं, 
कभी कभी अपने हाथों को रोकना अच्छा होता है  l


Thank You. 

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