तो क्या किया जाए

जब मन में कुछ, कहने को ना हो, 
जब जुबाँ पर कुछ, कहने को ना हो, 
तो क्या कहा जाए, 
जब मन में कोई, उमंग ना हो,
जब दिल में, कुछ प्यार ना हो, 
तो क्या किया जाए  l

कुछ तो मन में खुशियाँ हो, 
कुछ तो जीवन मे खुशियाँ हो, 
कुछ आँखों में सपने हो, 
कोई तो जहान में अपने हो, 
जब यादों में कोई खुशी ना हो, 
तो क्या किया जाए  l

जब तन-मन में, कुछ आराम नही, 
जब किस्मत भी मेहरबान नही, 
जब जीवन लगता है कुछ खास नही, 
जो पाना चाहे, वह मिलता नही, 
जब दिल ये फूल सा खिलता नही, 
तो क्या किया जाए  l




Thank You. 

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