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रोज रोज की वही जिंदगी

सोचने का नजरिया बदले

सारे खिलौने उसने बनाए

ऊपर बैठा तू सब कुछ देखे

किसने क्या कहा था

मैं कौन हूँ

जब जीवन को पहचान लिया

काहे की फिक्र करें हम

कुछ भी याद रहे ना रहे

श्वासों को बदलते रहिए, और जीवन बदलते रहिए

आप अपनी बात कहते रहिए

सब ओर तेरी ही चर्चा है

फिर वही थकी थकी सी जिंदगी