कुछ बातें तो हो काम की
कुछ बातें तो हो काम की,
कुछ जिंदगी बने आराम की,
हर वक्त, जहान में क्यों उलझे,
हर वक्त, किसी से क्यों उलझे,
कुछ बातें तो हो प्यार की l
जिनको हम बेगाना समझते हैं,
कभी-कभी काम वही तो आते हैं,
जब फिजूल की चर्चा करते हैं
तो यूँ ही वक्त गंवाते हैं,
जिनसे जीवन, खूबसूरत बने,
कुछ बातें हो, समभाव की l
जो ईश्वर की चर्चा होवे,
जो गोविंद की चर्चा होवे,
मन वचन कर्म से,
किसी नही बुरा करे,
जो सोचे, वो अच्छा सोचे,
जो बदले मन की आदत को,
तो जिंदगी बने किसी काम की l
Thank You.

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