अंदर-बाहर, हरि का वासा



अंदर-बाहर, हरि का वासा, 
जिधर भी देखो, हरि का वासा, 
एक नूर से सब जग उपजाया, 
जिसमें देखो, हरि का वासा l

हरि की माया, हरि ही जाने, 
हरि की लीला, हरि ही जाने, 
कोटि अनंत हैं रूप प्रभु के, 
हरि की महिमा, हरि ही जाने, 
रचा जहान है एक प्रभु ने, 
श्रीहरि करे सब दुखो का नाशा l

शरणागत के रक्षक प्रभुजी, 
संतजनों के प्यारे प्रभुजी, 
दाता-विधाता-अंतर्यामी, 
सदचिदानंदघन-सुखसागर प्रभुजी, 
पालनकरने वाले भगवन, 
पूर्ण करते मन की अभिलाषा l



Thank You. 

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