ये मन भी है कुछ थका-थका





ये मन भी है कुछ थका-थका, 
ये तन भी है कुछ थका-थका, 
जैसे मन में कोई उमंग नही, 
जैसे तन में कोई तरंग नही, 
जैसे जीवन है ये रुका-रुका  l

कुछ मन उदास दिख रहा, 
कुछ तन उदास दिख रहा, 
कुछ आराम की इच्छा हुई, 
इस में कुछ निराशा हुई, 
कुछ दर्द का सिलसिला चल रहा l

जीवन में दुख आये तो
क्या हम उदास हो जाएँ, 
कुछ जीवन में कष्ट आये तो
क्या हम परेशान हो जाए, 
थौड़ी बहुत मुश्किल से 
अमन क्या जीवन बाधित हो रहा  l


Thank You. 

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