दुनियाँ क्या सोचती है, सोचने दो

दुनियाँ क्या सोचती है, सोचने दो, 
हमें तो अपनी, सोच ठीक रखनी है, 
जीवनपथ पर, आगे बढ़ते चले जाएँ, 
प्रगतिपथ पर, चलते चले जाएँ, 
दुनियाँ क्या कहती है, कहने दो, 
हमें तो, अपने मन को ठीक रखना है  l

सपने अगर मन में है तो, 
पूरे भी हो जायेंगें, 
चाह अगर दिल में है तो, 
पूरी भी हो जायेगी, 
मंजिलें दूर हो चाहे, 
पर हौसलों से दूर नही है, 
किस्मत रूठी हो चाहे, 
पर इतनी बरी भी नही है, 
मुश्किलें चाहे हो कितनी, 
हमें तो, हर हाल में संभलना है l

भूलकर कल परसों की बातें, 
मिला जो आज में खुश रहना है, 
छोड़कर सारे जहान की बातें, 
हमें तो खुद को ही बदलना है, 
रब से मिला जो ये जीवन, 
इस जीवन में सुख भरना है, 
बेचैन मन ना रहे कभी, 
इस मन में सुकून भरना है  l


Thank you. 

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