बहुत हो चुका आराम

बहुत हो चुका आराम, 
कुछ तो काम कर लिया जाए, 
बहुत हो चुका नाकाम, 
कुछ तो सफल हो लिया जाए l

जिंदगी चल रही है ये तो, 
दुनियाँ की भागदौड़ में, 
कभी मुश्किल भरी लगती है, 
ये तो जिंदगी की निगाहों में, 
बहुत हो लिया हैरान, 
मुकद्दर चमका लिया जाए  l

जो खुद का मंथन करते हैं, 
तरक्की वे ही करते हैं, 
जो खुद पर विश्वास करते हैं, 
वे हर मुश्किल से लड़ जाते हैं, 
कदम जो चल पड़े आगे, 
फिर तो मंजिल पा ली जाए l


Thank you

Comments