ये जिंदगी है किसी के वास्ते, ये जिंदगी है औरों के वास्ते, दुनियाँ के काम सब करते हैं, औरों के भले की खातिर ही, दुनियाँ के काम सब चलते हैं, औरों की खुशी की खातिर ही, सूरज जैसे गर्मी देता, सारे जग को उजियारा करता, चन्दा जैसे शीतलता देता, रात में उजाला भरता, ये जिंदगी है, औरों की ख़ुशी के वास्ते l वृक्ष फल, फूल, छाया देते हैं, सब न्यौछावर् कर देते हैं, ऐसे ही ये जीवन चलता, औरों के काम जो आता है, अपने लिए यहाँ कौन है जीता, सब औरों की खातिर जीते हैं, दुनियाँ में सब जी लेते हैं, सब अपनी जिंदगी जी लेते हैं, थोड़े गम हैं, थोड़ी खुशी है, थोड़ी मुस्कुराहटें, थोड़ी हँसी है, पर मुश्किल है, इस जिंदगी के रास्ते l कुछ तो है ये अपनी जिंदगी, कुछ है ये औरों की जिंदगी, कभी जीये अपने लिए, कभी जीये औरों की खातिर, दुनियाँ में सब काम हैं करते, कुछ अपने लिए, कुछ औरों की खातिर, कभी खुश होकर, कुछ दुखी होकर, कभी अपनी मर्जी ...
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