मंजिल दूर नही है अब
मंजिल दूर नही है अब,
किस्मत चमक उठी है अब,
चल पड़े हैं कदम वहाँ,
जहाँ सूरज सा सवेरा हो,
बढ़ गए हैं हाथ वहाँ,
जिससे जीवन में सवेरा हो,
मन भी दूर नही है अब,
दिल भी दूर नही है अब l
चल पड़े उन रास्तों पर,
जहाँ कामयाबी की बहार हो,
चल पड़े उस तरफ,
जहाँ खुशियाँ बेशुमार हो,
हर पल मिले, नई जिंदगी,
कोशिस नई हुई है अब l
मेरे जैसा, आपका जीवन,
आपके जैसा, मेरा जीवन,
एक जैसा, शरीर है सबका,
एक जैसा, मन है सबका,
आपके जैसा, मेरा जीवन,
एक जैसा, शरीर है सबका,
एक जैसा, मन है सबका,
एक जैसा जीवन सबका,
सुख-दुख, आते जाते जीवन में,
जीने की नई चाह है अब l
Thank you.

Comments
Post a Comment