कभी कुछ नही भी करके देखो
कभी सब करके देखो तो
कभी कुछ नही भी करके देखो,
कभी कुछ सोच के देखो तो
कभी नही सोच के भी देखो,
ठीक तो यही है कि मैं कुछ जानता नही हूँ,
उम्र सीखने की क्यूँ मानता नही हूँ,
जिंदगी हसीन है इसे जीकर भी देखो ।
जो सोचते हैं ज्यादा, चिंता और बढ़ जाती,
जो जानते हैं ज्यादा, क्या और जान पाते,
मन है जो आजाद तो जिंदगी भी आजाद है,
खुली आँखों से कभी तो सपने देखकर भी देखो ।
माना कि दुनियाँ जिंदगी को बहुत उलझाती है,
माना कि ये दुनियाँ जिंदगी को बहुत रुलाती है,
आदमी नही जीता, बस समय काटता जाता है,
आदमी यही कहता कि बस जिंदगी चल रही है,
कुछ पल तो जिंदगी को अपना समझकर देखो ।
Aman

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