लोग अपनी नई दुनियाँ बसा लेते हैं

लोग अपनी नई दुनियाँ बसा लेते हैं, 
लोग अपने सपनों की दुनियाँ बसा लेते हैं, 
उसी में हँसते हैं, उसी में रोते हैं, 
उसी में दुःख पाते हैं, उसी में खुश हो लेते हैं, 
लोग कभी अपनी किस्मत बनाते हैं, 
कभी अपनी किस्मत बिगाड़ लेते हैं  । 

अपने ही काम अच्छे लगते हैं, 
अपनी ही बातें अच्छी लगती है,
जो करते वह सही समझते, 
औरों की सलाह नही अच्छी लगती है, 
सबका नजरिया अलग अलग है, 
कुछ लोग वक्त के साथ नही चलते हैं  । 

जो बदले नही इंसान अपना मन, 
तो कैसे जीवन बदलेगा, 
जो बदले नही इंसान अपना दिल, 
तो कैसे जीवन निखरेगा, 
अपनी दुनियाँ में मग्न सभी है, 
कभी कभी एक दूजे से मिलते हैं  । 


Aman




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