किसी भी कर्म की शुरुआत अच्छी सोच से हो

किसी भी कर्म की शुरुआत अच्छी सोच से हो, 
हमें छोड़ना है बुराइयों को, अच्छाइयों को अपनाना है, 
जीवन को भरना है, आनंद और खुशियों से, 
दिल को भरना है प्रेम और माधुर्य से, 
हर कर्म की शुरुआत, प्रभु का नाम लेकर करें  । 

जिंदगी ये छोटी सी है, इसमें प्रेम बढ़ाना है, 
जी पाएँ हर पल खुशी से, ऐसा मन में विश्वास बढ़ाना है, 
नये और अच्छे विचारों से मन को भरते जाना है, 
दिल किसी का दुखाएँ नही, अच्छा व्यवहार करते जाना है, 
बदले खुद कॉ, वक्त के आगे, मंजिल की तरफ बढ़ते रहे  । 

मन में नई उड़ान भरे, आसमान की तरह मन को साफ रखे, 
अपनेपन से हर एक को देखे, नही मन में द्वेष राग रहे, 
खुशियोँ का माहौल बनाएँ, जीएँ चिंताएँ छोड़कर, 
याद करें उस मालिक को , मन को नाम से जोड़कर, 
हौसला मन में भरकर कर्तव्यपथ पर आगे बढ़ते रहे  । 

Aman

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