दुखी होने से क्या हासिल होगा
दुखी होने से क्या हासिल होगा,
दुखी रहने से क्या सुकून मिलेगा,
जब तक जीयो, जी भर के जीयो,
जब तक जीयो, खुश रहकर जीयो,
खुश रहने से जीवन खुशहाल है होता ।
तकदीर तो सबकी अपनी है,
किसी की अच्छी, खराब किसी की,
औरों में जो खुशियाँ बांटें,
जिंदगी उसकी बेहतर होती,
जो सोचे वह अच्छा ही तो,
जैसी सोच हो वैसा जीवन होता ।
भावनाओं का खेल है जीवन,
बिना भावनाओं के, क्या इंसान होता,
जो कोई समझे, एक दूजे को,
फिर तो जीवन सुंदर होता ,
आगे बढ़ना काम हमारा,
रुकना जीवन का काम ना होता ।
प्यार बांटते जाओ सबमें,
खुश माहौल बनाते जाओ जग में,
यादों की इस दुनियाँ में,
दिल को ना तरसाओ जग में,
हर किसी की अलग है जिंदगी,
चाहे अपना कोई या पराया होता ।
Aman
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