तुम जैसा चाहोगे, वैसे ही बनोगे

तुम जैसा चाहोगे, वैसे ही बनोगे, 
तुम जैसा चाहोगे, वैसा ही होगा, 
तुम जैसा सोचते हो, वैसा ही होगा, 
कौन तुम्हें भला रोक सकेगा, 
जो तुममें जुनून बड़ा, 
कौन तुम्हारा कुछ बिगाड़ सकेगा, 
जो तुममें हौसला बड़ा, 
हर कोई मदद करे तुम्हारी, 
जो निर्णय तुम्हारा सही होगा  । 

कमजोर क्यूँ बनकर जीना है, 
दुनियाँ में मजबूत बनकर रहना है,
जीवन को मत भार समझना, 
हर मुश्किल से लड़ते रहना है, 
हाथों में तुम्हारे तकदीर तुम्हारी, 
तुम्हें भाग्य अपना बदलना होगा  । 

माना इस दुनियाँ में सबको,
सारा सुख नही मिलता है, 
पथ में कभी काँटे है मिलते, 
पथरीला पथ कभी मिलता है, 
आगे बढ़ना काम तुम्हारा, 
वक्त सही भी एक दिन होगा  । 

Aman



Comments

Popular posts from this blog

Why I am here