अपनी बात कहते रहो

अपनी बात कहते रहो, 
दुनियाँ जो सोचती है, सोचने दो, 
पर अपनी बात कहते रहो, 
जीवन है ये खास, चलते रहो, 
कभी मुश्किल पड़े तो रुक भी लो,
और दिल की बात कहते रहो  । 

आँखों के सपने पूरे भी हो, 
दिल के अरमान पूरे भी हो, 
वादे-इरादे पूरे भी हो, 
मंजिल की चाहत पूरी भी हो, 
कोई नही यहाँ रास्ता रोके, 
आगे कदम बढ़ाते रहो  । 

सोच सही तो जीवन सही, 
कर्म सही तो जीवन सही, 
सही  नजरिया जो देखने का, 
मंजिल फिर तो पास रही, 
छोड़ो अपनी जिद्द झूठी, 
सही राह पर चलते रहो  । 

Aman




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