किसको समझाएं यहाँ

किसको समझाएं यहाँ, 
सब अपनी धुन में चूर यहाँ, 
जिंदगी खामोश है, 
किस्मत बनती बिगड़ती यहाँ, 
कुछ सोचकर चलते हैं, 
कुछ समझकर आगे बढ़ते हैं, 
लेकिन जो होना है, 
वह तो होकर रहता यहाँ  । 

कुछ चिंता की लकीरें, 
माथे पर दिखती है, 
कुछ चाहत तो दिल में है, 
पर चाहत पूरी कब होतीं है, 
जब तक मुश्किल जीवन से, 
नही बाहर निकल जाती है, 
जीने का मजा किसको आता है यहाँ  । 

जो होता है वह हो जाए, 
जो मिलना है वह मिल जाए, 
चाहे दुख मिले, चाहे सुख मिले, 
जिंदगी तो चलती जाए, 
एक दिल तो सब छूटेगा, 
काहे परेशान फिरता है यहाँ  । 


Aman



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