अगर आदमी आशावान नही हो तो जीवन कैसे चले,
अगर आदमी आशावान नही हो तो दुनियाँ कैसे चले,
आदमी आशाओं में रहकर ही तो आगे बढ़ पाता है,
आदमी मन को मजबूत करके ही तो आगे बढ़ पाता है,
अगर आदमी आशावान नही हो तो खुशियाँ कैसे मिले l
अगर आदमी आशावान नही हो तो जीवन कैसे चले,
अगर आदमी आशावान नही हो तो दुनियाँ कैसे चले,
आदमी आशाओं में रहकर ही तो आगे बढ़ पाता है,
आदमी मन को मजबूत करके ही तो आगे बढ़ पाता है,
अगर आदमी आशावान नही हो तो खुशियाँ कैसे मिले l
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